Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.55.19-20h: एक-दूसरे के द्वारा उड़ाई गई धूल रेशमी वस्त्र के समान उड़ती हुई हल्के पीले रंग के वस्त्र के समान प्रतीत हो रही थी। युद्धभूमि के सभी प्राणी उससे आच्छादित थे। अतः वानर और राक्षस उन्हें देख नहीं पा रहे थे॥19 1/2॥ | ramayan सर्ग 6.55: रावण की आज्ञा से अकम्पन आदि राक्षसों का युद्ध में आना और वानरों के साथ उनका घोर युद्ध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अन्योन्यं रजसा तेन कौशेयोद्धतपाण्डुना॥ १९॥
संवृतानि च भूतानि ददृशुर्न रणाजिरे।
अनुवाद
एक-दूसरे के द्वारा उड़ाई गई धूल रेशमी वस्त्र के समान उड़ती हुई हल्के पीले रंग के वस्त्र के समान प्रतीत हो रही थी। युद्धभूमि के सभी प्राणी उससे आच्छादित थे। अतः वानर और राक्षस उन्हें देख नहीं पा रहे थे॥19 1/2॥
The dust blown by each other looked like a pale yellow colored cloth moving like a silken cloth. All the creatures in the battlefield were covered by it. Hence the monkeys and demons were unable to see them.॥19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥