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ramayan 6.55.18-19h: वानरों और राक्षसों द्वारा उड़ाई गई लाल धूल बहुत डरावनी लग रही थी। उसने दसों दिशाओं को ढक लिया था।   |   ramayan सर्ग 6.55: रावण की आज्ञा से अकम्पन आदि राक्षसों का युद्ध में आना और वानरों के साथ उनका घोर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.55.18-19h 
रजश्चारुणवर्णाभं सुभीममभवद् भृशम्॥ १८॥
उद‍्धृतं हरिरक्षोभि: संरुरोध दिशो दश।
 
 
अनुवाद
वानरों और राक्षसों द्वारा उड़ाई गई लाल धूल बहुत डरावनी लग रही थी। उसने दसों दिशाओं को ढक लिया था।
 
The red dust raised by the monkeys and the demons looked very scary. It covered all the ten directions. 18 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)