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ramayan 6.55.14-15: उस भीषण कोलाहल से वानरों की वह विशाल सेना भयभीत हो गई। उन वानरों और राक्षसों के बीच, जो युद्ध के लिए तत्पर थे और वृक्षों तथा शिलाओं पर आक्रमण कर रहे थे, भयंकर युद्ध होने लगा।   |   ramayan सर्ग 6.55: रावण की आज्ञा से अकम्पन आदि राक्षसों का युद्ध में आना और वानरों के साथ उनका घोर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.55.14-15 
तेन शब्देन वित्रस्ता वानराणां महाचमू:॥ १४॥
द्रुमशैलप्रहाराणां योद्धुं समुपतिष्ठताम्।
तेषां युद्धं महारौद्रं संजज्ञे कपिरक्षसाम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उस भीषण कोलाहल से वानरों की वह विशाल सेना भयभीत हो गई। उन वानरों और राक्षसों के बीच, जो युद्ध के लिए तत्पर थे और वृक्षों तथा शिलाओं पर आक्रमण कर रहे थे, भयंकर युद्ध होने लगा।
 
That huge army of monkeys was terrified by the great noise. A fierce battle began between those monkeys and the demons who were ready to fight and were attacking the trees and rock peaks. 14-15.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)