Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.55.12-13h: अकम्पन के कंधे सिंह के समान दृढ़ थे। उसका पराक्रम बाघ के समान था। उसने उपरोक्त कष्टों की परवाह न करते हुए युद्धभूमि की ओर प्रस्थान किया।   |   ramayan सर्ग 6.55: रावण की आज्ञा से अकम्पन आदि राक्षसों का युद्ध में आना और वानरों के साथ उनका घोर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 55: रावण की आज्ञा से अकम्पन आदि राक्षसों का युद्ध में आना और वानरों के साथ उनका घोर युद्ध  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  6.55.12-13h 
स सिंहोपचितस्कन्ध: शार्दूलसमविक्रम:॥ १२॥
तानुत्पातानचिन्त्यैव निर्जगाम रणाजिरम्।
 
 
अनुवाद
अकम्पन के कंधे सिंह के समान दृढ़ थे। उसका पराक्रम बाघ के समान था। उसने उपरोक्त कष्टों की परवाह न करते हुए युद्धभूमि की ओर प्रस्थान किया।
 
Akampan's shoulders were as strong as a lion's. His valour was like that of a tiger. He did not care about the above mentioned troubles and headed towards the battlefield. 12 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)