श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 54: वज्रदंष्ट्र और अङ्गद का युद्ध तथा अङ्गद के हाथ से उस निशाचर का वध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.54.25 
अभवच्छोणितोद‍्गारी वज्रदंष्ट्र: सुमूर्च्छित:।
मुहूर्तमभवन्मूढो गदामालिङ्गॺ नि:श्वसन्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वज्रदंष्ट्र उस प्रहार से मूर्छित होकर रक्त-वमन करने लगा। वह गदा को हृदय से लगाए हुए दो घण्टे तक मूर्छित पड़ा रहा। केवल उसकी श्वास चलती रही॥ 25॥
 
Vajradanshtra fell unconscious due to the blow and started vomiting blood. He lay unconscious for two hours with the mace pressed against his heart. Only his breathing continued.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)