vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 54: वज्रदंष्ट्र और अङ्गद का युद्ध तथा अङ्गद के हाथ से उस निशाचर का वध
»
श्लोक 22
श्लोक
6.54.22
तमापतन्तं दृष्ट्वा स रथादाप्लुत्य वीर्यवान्।
गदापाणिरसम्भ्रान्त: पृथिव्यां समतिष्ठत॥ २२॥
अनुवाद
चट्टान को आते देख, वह महाबली राक्षस बिना किसी घबराहट के रथ से कूद पड़ा और केवल गदा हाथ में लेकर भूमि पर खड़ा हो गया।
Seeing the rock coming, the mighty demon jumped off the chariot without any panic and stood on the ground holding only the mace in his hand.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×