Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.53.18: तत्पश्चात् भयंकर रूप धारण करने वाले भयंकर वानरों और राक्षसों में घोर युद्ध होने लगा। दोनों दलों के योद्धा एक-दूसरे को मार डालना चाहते थे॥18॥   |   ramayan सर्ग 6.53: वज्रदंष्ट्र का सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान, वानरों और राक्षसों का युद्ध, अङ्गद द्वारा राक्षसों का संहार   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 53: वज्रदंष्ट्र का सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान, वानरों और राक्षसों का युद्ध, अङ्गद द्वारा राक्षसों का संहार  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.53.18 
तत: प्रवृत्तं तुमुलं हरीणां राक्षसै: सह।
घोराणां भीमरूपाणामन्योन्यवधकाङ्क्षिणाम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भयंकर रूप धारण करने वाले भयंकर वानरों और राक्षसों में घोर युद्ध होने लगा। दोनों दलों के योद्धा एक-दूसरे को मार डालना चाहते थे॥18॥
 
Thereafter a fierce battle began between the fierce monkeys who had assumed terrifying forms and the demons. The warriors of both the groups wanted to kill each other.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)