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ramayan 6.53.1: धूम्राक्ष की मृत्यु का समाचार सुनकर राक्षसराज रावण अत्यन्त क्रोधित हो गया और फुंफकारते हुए सर्प के समान जोर-जोर से साँस लेने लगा॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.53: वज्रदंष्ट्र का सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान, वानरों और राक्षसों का युद्ध, अङ्गद द्वारा राक्षसों का संहार   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 53: वज्रदंष्ट्र का सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान, वानरों और राक्षसों का युद्ध, अङ्गद द्वारा राक्षसों का संहार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.53.1 
धूम्राक्षं निहतं श्रुत्वा रावणो राक्षसेश्वर:।
क्रोधेन महताऽऽविष्टो नि:श्वसन्नुरगो यथा॥ १॥
 
 
अनुवाद
धूम्राक्ष की मृत्यु का समाचार सुनकर राक्षसराज रावण अत्यन्त क्रोधित हो गया और फुंफकारते हुए सर्प के समान जोर-जोर से साँस लेने लगा॥1॥
 
On hearing the news of Dhumraksha's death, the demon king Ravana became very angry. He started breathing heavily like a hissing snake.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)