श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 52: धूम्राक्ष का युद्ध और हनुमान जी के द्वारा उसका वध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.52.32 
विद्राव्य राक्षसं सैन्यं हनूमान् मारुतात्मज:।
गिरे: शिखरमादाय धूम्राक्षमभिदुद्रुवे॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार राक्षस सेना को भगाकर पवनपुत्र हनुमान्‌जी ने एक पर्वत की चोटी उठाकर धूम्राक्ष पर आक्रमण किया॥32॥
 
Thus, after driving away the demon army, Hanuman, the wind prince, lifted the peak of a mountain and attacked Dhumraksha. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)