श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 5: श्रीराम का सीता के लिये शोक और विलाप  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.5.3 
निविष्टायां तु सेनायां तीरे नदनदीपते:।
पार्श्वस्थं लक्ष्मणं दृष्ट्वा रामो वचनमब्रवीत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
सेना के समुद्रतट पर पड़ाव डालने के पश्चात् भगवान राम ने अपने पास बैठे हुए लक्ष्मण की ओर देखकर कहा-॥3॥
 
After the army had camped on the seashore, Lord Rama looked at Lakshmana sitting beside him and said -॥ 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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