श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 5: श्रीराम का सीता के लिये शोक और विलाप  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.5.16 
कथं जनकराजस्य दुहिता मम च प्रिया।
राक्षसीमध्यगा शेते स्नुषा दशरथस्य च॥ १६॥
 
 
अनुवाद
राजा जनक की पुत्री, राजा दशरथ की पुत्रवधू और मेरी प्रियतमा सीता राक्षसों के बीच कैसे सोएगी?॥16॥
 
‘How will Sita, daughter of King Janaka, daughter-in-law of King Dasharatha and my beloved, sleep amidst demonesses?॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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