| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 5: श्रीराम का सीता के लिये शोक और विलाप » श्लोक 14 |
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| | | | श्लोक 6.5.14  | तौ तस्या: सहितौ पीनौ स्तनौ तालफलोपमौ।
कदा न खलु सोत्कम्पौ श्लिष्यन्त्या मां भजिष्यत:॥ १४॥ | | | | | | अनुवाद | | ‘मेरी प्रियतमा सीता के दोनों स्तन, जो एक दूसरे से सटे हुए, हथेलियों के समान गोल और मोटे हैं, मुझे कब स्पर्श करेंगे, वह भी हल्के कंपन के साथ?॥14॥ | | | | ‘When will the two breasts of my beloved Sita, embracing me, which are close to each other, round and thick like palms, touch me with a slight vibration?॥ 14॥ | | ✨ ai-generated | | |
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