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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 5: श्रीराम का सीता के लिये शोक और विलाप  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.5.13 
कदा सुचारुदन्तोष्ठं तस्या: पद्ममिवाननम्।
ईषदुन्नाम्य पास्यामि रसायनमिवातुर:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
जैसे रोगी औषधि पीता है, उसी प्रकार मैं भी कब थोड़ा ऊपर उठकर सुन्दर दांतों और मनोहर अधरों से युक्त सीता के कमल के समान मुख को चूमूंगा।
 
Just as a patient drinks medicine, in the same way, when will I lift up a little and kiss the lotus-like face of Sita, endowed with beautiful teeth and lovely lips.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)