श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.49.26 
अङ्गदेन कृतं कर्म मैन्देन द्विविदेन च।
युद्धं केसरिणा संख्ये घोरं सम्पातिना कृतम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
अंगद, मैन्द और द्विविद ने भी महान पराक्रम दिखाया है। केसरी और सम्पाती ने भी समरांगण में भयंकर युद्ध किया है ॥26॥
 
Angad, Mainda and Dwivid have also displayed great valor. Kesari and Sampati also fought a fierce battle in Samarangana. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)