|
| |
| |
श्लोक 6.49.23  |
अस्मिन् मुहूर्ते सुग्रीव प्रतियातुमितोऽर्हसि।
मत्वा हीनं मया राजन् रावणोऽभिभविष्यति॥ २३॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| हे वानरराज सुग्रीव! तुम इसी क्षण यहाँ से लौट जाओ, क्योंकि मेरे बिना रावण तुम्हें असहाय समझकर तुम्हारा तिरस्कार करेगा॥ 23॥ |
| |
| O King of Monkeys Sugreeva! You should return from here at this very moment, because without me Ravana will despise you, considering you helpless.॥ 23॥ |
| ✨ ai-generated |
| |
|