श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 49: श्रीराम का सचेत हो लक्ष्मण के लिये विलाप करना और स्वयं प्राणत्याग का विचार करके वानरों को लौट जाने की आज्ञा देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.49.23 
अस्मिन् मुहूर्ते सुग्रीव प्रतियातुमितोऽर्हसि।
मत्वा हीनं मया राजन् रावणोऽभिभविष्यति॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे वानरराज सुग्रीव! तुम इसी क्षण यहाँ से लौट जाओ, क्योंकि मेरे बिना रावण तुम्हें असहाय समझकर तुम्हारा तिरस्कार करेगा॥ 23॥
 
O King of Monkeys Sugreeva! You should return from here at this very moment, because without me Ravana will despise you, considering you helpless.॥ 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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