श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 48: सीता का विलाप और त्रिजटा का उन्हें समझा-बुझाकर श्रीराम-लक्ष्मण के जीवित होने का विश्वास दिलाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.48.9 
केशा: सूक्ष्मा: समा नीला भ्रुवौ चासंहते मम।
वृत्ते चारोमके जङ्घे दन्ताश्चाविरला मम॥ ९॥
 
 
अनुवाद
मेरे बाल सुन्दर, सीधे और काले हैं। मेरी भौहें आपस में मिली हुई नहीं हैं। मेरी पिंडलियाँ (घुटनों के नीचे का भाग) गोल और रोम रहित हैं तथा मेरे दाँत भी पास-पास हैं।॥9॥
 
‘My hair is fine, straight and black. My eyebrows are not joined together. My calves (lower parts of the knees) are round and hairless and my teeth are also close together.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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