Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.47.21-22: वे दोनों भाई, कमलनेत्र वाले अग्निपुत्र राम और लक्ष्मण, जो समस्त मनुष्यों में श्रेष्ठ योद्धा थे, शाखा और विशाखा के समान बाणों के समूह के बीच सो रहे थे। उन दोनों वीरों को बाणों की शय्या पर उस अवस्था में लेटे हुए देखकर सीता शोक से पीड़ित होकर करुण स्वर में उच्च स्वर से विलाप करने लगीं। | ramayan सर्ग 6.47: वानरों द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण की रक्षा, सीता को पुष्पकविमान द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण का दर्शन कराना और सीता रुदन । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे दोनों भाई, कमलनेत्र वाले अग्निपुत्र राम और लक्ष्मण, जो समस्त मनुष्यों में श्रेष्ठ योद्धा थे, शाखा और विशाखा के समान बाणों के समूह के बीच सो रहे थे। उन दोनों वीरों को बाणों की शय्या पर उस अवस्था में लेटे हुए देखकर सीता शोक से पीड़ित होकर करुण स्वर में उच्च स्वर से विलाप करने लगीं।
The two brothers, lotus-eyed Rama and Lakshmana, the sons of fire, who were the best warriors among all men, were sleeping among a crowd of arrows like Branch and Vishakha. Seeing those two brave men lying on the bed of arrows in that condition, Sita, afflicted with grief, began to lament loudly in a pitiable voice. 21-22.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥