श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.43.7 
प्रजङ्घेन च सम्पातिर्नित्यं दुर्धर्षणो रणे।
जम्बुमालिनमारब्धो हनूमानपि वानर:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
सदैव वीर योद्धा सम्पाती और वानर योद्धा हनुमान्‌जी ने जम्बुमाली के साथ प्रजंघ नामक दैत्य के साथ युद्ध आरम्भ किया॥7॥
 
The always brave warrior Sampatine and the monkey warrior Hanuman started the war with Jambumali with the demon named Prajangha. 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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