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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.43.31 
तस्यैव रथचक्रेण नीलो विष्णुरिवाहवे।
शिरश्चिच्छेद समरे निकुम्भस्य च सारथे:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर नील ने युद्धभूमि में अपने रथ के पहिये से निकुंभ और उसके सारथि का सिर काट डाला, ठीक उसी प्रकार जैसे भगवान विष्णु युद्धभूमि में अपने चक्र से राक्षसों का सिर काट डालते हैं।
 
Seeing this, Neel beheaded Nikumbha and his charioteer on the battlefield with the wheel of his own chariot, in the same manner as Lord Vishnu beheads demons with his discus on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)