Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.43.18: जैसे इन्द्र अपने वज्र से प्रहार करते हैं, उसी प्रकार इन्द्रजित के वज्र ने शत्रु सेना का संहार करने वाले वीर अंगद पर गदा से प्रहार किया ॥18॥   |   ramayan सर्ग 6.43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 43: द्वन्द्वयुद्ध में वानरों द्वारा राक्षसों की पराजय  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.43.18 
आजघानेन्द्रजित् क्रुद्धो वज्रेणेव शतक्रतु:।
अङ्गदं गदया वीरं शत्रुसैन्यविदारणम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
जैसे इन्द्र अपने वज्र से प्रहार करते हैं, उसी प्रकार इन्द्रजित के वज्र ने शत्रु सेना का संहार करने वाले वीर अंगद पर गदा से प्रहार किया ॥18॥
 
Just as Indra strikes with his thunderbolt, in the same way Indrajit's thunderbolt struck with his mace the brave Angad who was destroying the enemy army. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)