श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 42: लङ्का पर वानरों की चढ़ाई तथा राक्षसों के साथ उनका घोर युद्ध  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  6.42.38 
ततो वानरसैन्येन मुक्तो नाद: समन्तत:।
मलय: पूरितो येन ससानुप्रस्थकन्दर:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वानर सैनिकों ने चारों ओर जोर से गर्जना की, जिससे मलय पर्वत अपनी छोटी-बड़ी चोटियों और गुफाओं सहित गूंज उठा। 38.
 
Thereafter the monkey soldiers roared loudly all around, due to which the Malaya mountain along with its small and big peaks and caves resounded. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)