| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 40: सुग्रीव और रावण का मल्लयुद्ध » श्लोक 29 |
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| | | | श्लोक 6.40.29  | अथ हरिवरनाथ: प्राप्तसंग्रामकीर्ति-
र्निशिचरपतिमाजौ योजयित्वा श्रमेण।
गगनमतिविशालं लङ्घयित्वार्कसूनु-
र्हरिगणबलमध्ये रामपार्श्वं जगाम॥ २९॥ | | | | | | अनुवाद | | जिन्होंने युद्ध में यश प्राप्त किया था, वे सूर्यपुत्र वानरराज सुग्रीव, रात्रिपति रावण को युद्ध में थकाकर विशाल आकाश को पार करके वानरों की सेना के बीच में श्री रामचन्द्रजी के पास पहुँचे॥29॥ | | | | Those who had gained fame in battle, the monkey king Sugriva, the son of Surya, after tiring the night lord Ravana in the battle, crossed the vast sky and reached Shri Ramchandraji amidst the army of monkeys. 29॥ | | ✨ ai-generated | | |
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