Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.40.23: वे विचित्र वृत्त1 और नाना स्थानों2 का प्रदर्शन करते हुए गोमूत्र की रेखा के समान टेढ़े-मेढ़े ढंग से चलते और विचित्र रीति से कभी आगे बढ़ते और कभी पीछे हटते॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 6.40: सुग्रीव और रावण का मल्लयुद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 40: सुग्रीव और रावण का मल्लयुद्ध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.40.23 
मण्डलानि विचित्राणि स्थानानि विविधानि च।
गोमूत्रकाणि चित्राणि गतप्रत्यागतानि च॥ २३॥
 
 
अनुवाद
वे विचित्र वृत्त1 और नाना स्थानों2 का प्रदर्शन करते हुए गोमूत्र की रेखा के समान टेढ़े-मेढ़े ढंग से चलते और विचित्र रीति से कभी आगे बढ़ते और कभी पीछे हटते॥ 23॥
 
While demonstrating strange circles1 and various places2, they moved in a crooked manner like a line of cow-urine and sometimes advanced and sometimes retreated in a strange manner.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)