| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 40: सुग्रीव और रावण का मल्लयुद्ध » श्लोक 16 |
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| | | | श्लोक 6.40.16  | कृत्वा नियुद्धं भृशमुग्रवेगौ
कालं चिरं गोपुरवेदिमध्ये।
उत्क्षिप्य चोत्क्षिप्य विनम्य देहौ
पादक्रमाद् गोपुरवेदिलग्नौ॥ १६॥ | | | | | | अनुवाद | | गोपुररूपी चबूतरे पर बहुत देर तक कुश्ती लड़ने के बाद वे दोनों वीर योद्धा भयंकर वेग से एक-दूसरे को बार-बार पटकते, झुकाते तथा विशेष चालों से अपने पैरों को चलाते हुए उस चबूतरे से नीचे उतरने लगे॥ 16॥ | | | | After wrestling for a long time on the platform of Gopur, both the brave warriors with terrible speed, repeatedly tossing and bending each other and moving their feet with special tricks, started going down that platform.॥ 16॥ | | ✨ ai-generated | | |
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