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श्लोक 6.4.99  |
तदिहैव निवेशोऽस्तु मन्त्र: प्रस्तूयतामिह।
यथेदं वानरबलं परं पारमवाप्नुयात्॥ ९९॥ |
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| अनुवाद |
| अतः सेना को यहीं पड़ाव डालना चाहिए और हम लोग यहीं बैठकर इस बात पर विचार करना शुरू करें कि यह वानर सेना समुद्र के उस पार कैसे पहुँच सकती है।॥99॥ |
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| Therefore let the army camp here and we should sit here and begin to discuss how this monkey army can reach the other side of the ocean.'॥ 99॥ |
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