श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 4: श्रीराम आदि के साथ वानर-सेना का प्रस्थान और समुद्र-तट पर उसका पड़ाव  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.4.8 
ततो वानरराजेन लक्ष्मणेन सुपूजित:।
उवाच रामो धर्मात्मा पुनरप्यर्थकोविद:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर वानरराज सुग्रीव और लक्ष्मण ने भी उनका बहुत आदर किया। तत्पश्चात अर्थशास्त्री (नीतिज्ञ) और धर्मात्मा श्री राम ने पुनः कहा-॥8॥
 
Hearing this, monkey king Sugriva and Lakshman also respected him a lot. After that, the economist (politician) and the virtuous Shri Ram again said – ॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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