| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 4: श्रीराम आदि के साथ वानर-सेना का प्रस्थान और समुद्र-तट पर उसका पड़ाव » श्लोक 79 |
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| | | | श्लोक 6.4.79  | चिरिबिल्वा मधूकाश्च वञ्जुला बकुलास्तथा।
रञ्जकास्तिलकाश्चैव नागवृक्षाश्च पुष्पिता:॥ ७९॥ | | | | | | अनुवाद | | चिरीबिल्व, मधुका (महुआ), वंजुल, बकुल, रंजक, तिलक और नागकेसर के वृक्ष भी वहाँ लहलहा रहे थे। | | | | The trees of Chiribilva, Madhuka (Mahua), Vanjul, Bakul, Ranjak, Tilak and Nagkesar were also blooming there. | | ✨ ai-generated | | |
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