श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 4: श्रीराम आदि के साथ वानर-सेना का प्रस्थान और समुद्र-तट पर उसका पड़ाव  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  6.4.73 
अङ्कोलांश्च करञ्जांश्च प्लक्षन्यग्रोधपादपान्।
जम्बूकामलकान् नीपान् भञ्जन्ति स्म प्लवंगमा:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
वानर सेना उछलती हुई मार्ग में अंकोल, करंज, पाकड़, बरगद, जामुन, आँवला और नीप आदि वृक्षों को भी तोड़ती जाती थी।73.
 
The monkey army, jumping, would also break trees like Ankol, Karanja, Pakad, Banyan, Jamun, Amla and Neep etc. on the way. 73.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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