| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 4: श्रीराम आदि के साथ वानर-सेना का प्रस्थान और समुद्र-तट पर उसका पड़ाव » श्लोक 72 |
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| | | | श्लोक 6.4.72  | चम्पकांस्तिलकांश्चूतानशोकान् सिन्दुवारकान्।
तिनिशान् करवीरांश्च भञ्जन्ति स्म प्लवंगमा:॥ ७२॥ | | | | | | अनुवाद | | वे वानर मार्ग में मिलने वाले चम्पा, तिलक, आम, अशोक, सिन्दुवार, तिनिश और करवीर आदि वृक्षों को तोड़ते थे ॥72॥ | | | | They used to break the trees like Champa, Tilak, Mango, Ashok, Sinduwar, Tinish and Karveer etc. found on the monkey path. 72॥ | | ✨ ai-generated | | |
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