श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 4: श्रीराम आदि के साथ वानर-सेना का प्रस्थान और समुद्र-तट पर उसका पड़ाव  »  श्लोक 106
 
 
श्लोक  6.4.106 
तेषां निविशमानानां सैन्यसंनाहनि:स्वन:।
अन्तर्धाय महानादमर्णवस्य प्रशुश्रुवे॥ १०६॥
 
 
अनुवाद
वहाँ डेरा डाले हुए श्री राम आदि की सेनाओं के चलने से महान कोलाहल उत्पन्न हुआ, जिसने समुद्र की गम्भीर गर्जना को भी दबा दिया॥106॥
 
While encamped there, the movement of the armies of Sri Rama and others caused a great uproar, which even subdued the deep roar of the ocean.॥ 106॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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