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श्लोक  6.39.22 
यस्यां स्तम्भसहस्रेण प्रासाद: समलंकृत:।
कैलासशिखराकारो दृश्यते खमिवोल्लिखन्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उस नगर में एक हज़ार स्तंभों से सुसज्जित एक चैत्यप्रासाद था, जो कैलाश पर्वत के समान प्रतीत होता था। ऐसा प्रतीत होता था मानो वह आकाश को नाप रहा हो।
 
In that city there was a Chaityaprasad decorated with a thousand pillars, which looked like the peak of Kailash. It seemed as if it was measuring the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)