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श्लोक  6.39.14 
वित्रासयन्तो विहगान् ग्लापयन्तो मृगद्विपान्।
कम्पयन्तश्च तां लङ्कां नादै: स्वैर्नदतां वरा:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वे वीर वानर, जो मनुष्यों में श्रेष्ठ थे, अपनी गर्जना से पक्षियों को भयभीत करते हुए, मृगों और हाथियों का हर्ष हरते हुए तथा लंका को कंपाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
 
Those brave monkeys, the best among the roaring people, were advancing, frightening the birds with their roar, taking away the joy of deer and elephants and making Lanka tremble.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)