श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 39: वानरों सहित श्रीराम का सुवेलशिखर से लङ्कापुरी का निरीक्षण करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.39.1 
तां रात्रिमुषितास्तत्र सुवेले हरियूथपा:।
लङ्कायां ददृशुर्वीरा वनान्युपवनानि च॥ १॥
 
 
अनुवाद
वानर योद्धाओं ने वह रात सुवेल पर्वत पर बिताई और वहाँ से वीरों ने लंका के वन और उपवनों को देखा॥1॥
 
The monkey warriors spent that night on the Suvela mountain and from there the heroes saw the forests and groves of Lanka.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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