श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.37.4 
इयं सा लक्ष्यते लङ्का पुरी रावणपालिता।
सासुरोरगगन्धर्वैरमरैरपि दुर्जया॥ ४॥
 
 
अनुवाद
यह रावण द्वारा शासित लंकापुरी है। दैत्यों, नागों और गन्धर्वों सहित समस्त देवताओं के लिए इसे जीतना अत्यन्त कठिन है।॥4॥
 
This is the Lankapuri that is ruled by Ravana. It is very difficult for all the gods including the demons, serpents and Gandharvas to conquer it. ॥ 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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