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ramayan 6.37.36: विभीषण से यह कहकर बुद्धिमान भगवान श्री राम ने अपनी विजय प्राप्ति के लिए सुवेल पर्वत पर चढ़ने का विचार किया। सुवेल पर्वत का तट अत्यंत सुन्दर था, जिसे देखकर वे अत्यंत प्रसन्न हुए।   |   ramayan सर्ग 6.37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.37.36 
स राम: कृत्यसिद्धॺर्थमेवमुक्त्वा विभीषणम्।
सुवेलारोहणे बुद्धिं चकार मतिमान् प्रभु:।
रमणीयतरं दृष्ट्वा सुवेलस्य गिरेस्तटम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
विभीषण से यह कहकर बुद्धिमान भगवान श्री राम ने अपनी विजय प्राप्ति के लिए सुवेल पर्वत पर चढ़ने का विचार किया। सुवेल पर्वत का तट अत्यंत सुन्दर था, जिसे देखकर वे अत्यंत प्रसन्न हुए।
 
Saying this to Vibhishana, the wise Lord Shri Ram thought of climbing Suvel mountain to achieve his goal of victory. The coast of Suvel mountain was very beautiful, he was very happy to see it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)