श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  6.37.34 
वानरा एव नश्चिह्नं स्वजनेऽस्मिन् भविष्यति।
वयं तु मानुषेणैव सप्त योत्स्यामहे परान्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
इस बंधु-बांधव में बंदर ही हमारा प्रतीक होंगे। हम सात लोग ही मनुष्य रूप में रहकर शत्रुओं से युद्ध करेंगे। 34.
 
In this group of relatives, monkeys will be our symbol. Only we seven people will live in human form and fight with the enemies. 34.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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