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श्लोक 6.37.25  |
रावणावरजे वाक्यमेवं ब्रुवति राघव:।
शत्रूणां प्रतिघातार्थमिदं वचनमब्रवीत्॥ २५॥ |
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| अनुवाद |
| विभीषण के ऐसा कहने पर भगवान राम ने शत्रुओं को परास्त करने के लिए यह कहा - |
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| When Vibhishan said this, Lord Rama said this to defeat the enemies - |
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