श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.37.25 
रावणावरजे वाक्यमेवं ब्रुवति राघव:।
शत्रूणां प्रतिघातार्थमिदं वचनमब्रवीत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
विभीषण के ऐसा कहने पर भगवान राम ने शत्रुओं को परास्त करने के लिए यह कहा -
 
When Vibhishan said this, Lord Rama said this to defeat the enemies -
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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