श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.37.24 
तद्भवांश्चतुरङ्गेण बलेन महता वृतम्।
व्यूह्येदं वानरानीकं निर्मथिष्यसि रावणम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
अतः इस प्रकार वानर सेना बनाकर ही तुम विशाल चतुर्भुज सेना से घिरे हुए रावण का नाश कर सकोगे॥॥24॥
 
Therefore, only by forming this formation of the monkey army will you be able to destroy Ravana who is surrounded by the huge four-fold army.'॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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