श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 37: विभीषण का श्रीराम से लङ्का की रक्षा के प्रबन्ध का वर्णन तथा श्रीराम द्वारा लङ्का के विभिन्न द्वारों पर आक्रमण करने के लिये अपने सेनापतियों की नियुक्ति  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.37.16 
गजानां दशसाहस्रं रथानामयुतं तथा।
हयानामयुते द्वे च साग्रकोटिश्च रक्षसाम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
रावण की सेना में दस हजार हाथी, दस हजार रथ, बीस हजार घोड़े और एक करोड़ से अधिक पैदल राक्षस हैं॥16॥
 
‘Ravana's army consists of ten thousand elephants, ten thousand chariots, twenty thousand horses and over a crore of foot demons.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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