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ramayan 6.36.3: शत्रु का पक्ष लेकर मेरे हित के लिए तुमने जो कठोर वचन कहे हैं, वे मेरे कानों तक पूरी तरह नहीं पहुँचे हैं।   |   ramayan सर्ग 6.36: माल्यवान् पर आक्षेप और नगर की रक्षा का प्रबन्ध करके रावण का अपने अन्तःपुर में जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.36.3 
हितबुद्धॺा यदहितं वच: परुषमुच्यते।
परपक्षं प्रविश्यैव नैतच्छ्रोत्रगतं मम॥ ३॥
 
 
अनुवाद
शत्रु का पक्ष लेकर मेरे हित के लिए तुमने जो कठोर वचन कहे हैं, वे मेरे कानों तक पूरी तरह नहीं पहुँचे हैं।
 
The harsh words that you have spoken for my benefit by taking the side of the enemy have not fully reached my ears. 3.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)