Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.36.21: इस प्रकार लंका में पुरी की रक्षा का प्रबंध करके राक्षस-मुख वाला रावण अपनी तृप्ति कर लेने वाला समझने लगा ॥21॥ | ramayan सर्ग 6.36: माल्यवान् पर आक्षेप और नगर की रक्षा का प्रबन्ध करके रावण का अपने अन्तःपुर में जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं विधानं लङ्कायां कृत्वा राक्षसपुंगव:।
कृतकृत्यमिवात्मानं मन्यते कालचोदित:॥ २१॥
अनुवाद
इस प्रकार लंका में पुरी की रक्षा का प्रबंध करके राक्षस-मुख वाला रावण अपनी तृप्ति कर लेने वाला समझने लगा ॥21॥
In this way, by arranging for the protection of Puri in Lanka, Ravana, the demon-headed demon, started considering himself as having done his gratification. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥