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ramayan 6.36.16: तत्पश्चात् राक्षस रावण ने अपने मन्त्रियों के साथ आपस में विचार-विमर्श करके लंका की रक्षा का तुरन्त प्रबन्ध कर लिया ॥16॥   |   ramayan सर्ग 6.36: माल्यवान् पर आक्षेप और नगर की रक्षा का प्रबन्ध करके रावण का अपने अन्तःपुर में जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.36.16 
रावणस्तु सहामात्यो मन्त्रयित्वा विमृश्य च।
लङ्कायास्तु तदा गुप्तिं कारयामास राक्षस:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राक्षस रावण ने अपने मन्त्रियों के साथ आपस में विचार-विमर्श करके लंका की रक्षा का तुरन्त प्रबन्ध कर लिया ॥16॥
 
Thereafter, demon Ravana along with his ministers discussed among themselves and immediately made arrangements for the protection of Lanka. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)