श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 35: माल्यवान् का रावण को श्रीराम से संधि करने के लिये समझाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.35.13 
धर्मो हि श्रूयते पक्ष अमराणां महात्मनाम्।
अधर्मो रक्षसां पक्षो ह्यसुराणां च राक्षस॥ १३॥
 
 
अनुवाद
सुना है कि महात्मा देवताओं का पक्ष धर्म है। हे दैत्यराज! दैत्यों और दानवों का पक्ष अधर्म है॥13॥
 
‘It is heard that the side of the Mahatma Gods is Dharma. O Demon King! The side of the demons and devils is Adharma.॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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