श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 35: माल्यवान् का रावण को श्रीराम से संधि करने के लिये समझाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.35.12 
असृजद् भगवान् पक्षौ द्वावेव हि पितामह:।
सुराणामसुराणां च धर्माधर्मौ तदाश्रयौ॥ १२॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी ने केवल दो ही दल बनाए हैं - सुर और असुर। धर्म और अधर्म ही उनके आधार हैं॥12॥
 
‘Lord Brahma has created only two parties – Sura and Asura. Dharma and Adharma are their only support.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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