श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 34: सीता के अनुरोध से सरमा का उन्हें मन्त्रियों सहित रावण का निश्चित विचार बताना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.34.24 
नोत्सहत्यमृतो मोक्तुं युद्धे त्वामिति मैथिलि।
सामात्यस्य नृशंसस्य निश्चयो ह्येष वर्तते॥ २४॥
 
 
अनुवाद
'मिथिलेशाकुमारी! युद्ध में मरे बिना वह तुम्हें छोड़कर जाने का साहस नहीं कर सकता। यह उस क्रूर राक्षस का अपने मंत्रियों सहित निश्चय है॥ 24॥
 
‘Mithileshakumari! He cannot dare to leave you without dying in the war. This is the determination of that cruel demon along with his ministers.॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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