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श्लोक 6.34.24  |
नोत्सहत्यमृतो मोक्तुं युद्धे त्वामिति मैथिलि।
सामात्यस्य नृशंसस्य निश्चयो ह्येष वर्तते॥ २४॥ |
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| अनुवाद |
| 'मिथिलेशाकुमारी! युद्ध में मरे बिना वह तुम्हें छोड़कर जाने का साहस नहीं कर सकता। यह उस क्रूर राक्षस का अपने मंत्रियों सहित निश्चय है॥ 24॥ |
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| ‘Mithileshakumari! He cannot dare to leave you without dying in the war. This is the determination of that cruel demon along with his ministers.॥ 24॥ |
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