श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 34: सीता के अनुरोध से सरमा का उन्हें मन्त्रियों सहित रावण का निश्चित विचार बताना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.34.22 
लङ्घनं च समुद्रस्य दर्शनं च हनूमत:।
वधं च रक्षसां युद्धे क: कुर्यान्मानुषो युधि॥ २२॥
 
 
अनुवाद
(उनके सेवकों में भी अद्भुत शक्ति है) हनुमान्‌जी ने समुद्र लांघा, सीता से भेंट की और युद्ध में बहुत से राक्षसों का वध किया - ये सब पराक्रम दूसरा कौन मनुष्य कर सकता है?'॥22॥
 
(His servants also have amazing power) Hanuman who crossed the ocean, met Sita and killed many demons in the war - which other human being can do all these feats?'॥ 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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