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श्लोक 6.34.11  |
यदि नाम कथा तस्य निश्चितं वापि यद्भवेत्।
निवेदयेथा: सर्वं तद् वरो मे स्यादनुग्रह:॥ ११॥ |
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| अनुवाद |
| यदि वह मन्त्रियों के साथ विचार-विमर्श कर रहा हो, तो वहाँ जो कुछ निश्चय हो अथवा रावण का जो कुछ निश्चित विचार हो, वह मुझे अवश्य बताते रहना। यह मेरी ओर से बड़ा उपकार होगा॥11॥ |
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| If he is having a discussion with the ministers, then keep telling me whatever decision is taken there or whatever is Ravana's definite thought. This will be a great favour on my part.'॥ 11॥ |
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