श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 34: सीता के अनुरोध से सरमा का उन्हें मन्त्रियों सहित रावण का निश्चित विचार बताना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.34.11 
यदि नाम कथा तस्य निश्चितं वापि यद्भवेत्।
निवेदयेथा: सर्वं तद् वरो मे स्यादनुग्रह:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
यदि वह मन्त्रियों के साथ विचार-विमर्श कर रहा हो, तो वहाँ जो कुछ निश्चय हो अथवा रावण का जो कुछ निश्चित विचार हो, वह मुझे अवश्य बताते रहना। यह मेरी ओर से बड़ा उपकार होगा॥11॥
 
If he is having a discussion with the ministers, then keep telling me whatever decision is taken there or whatever is Ravana's definite thought. This will be a great favour on my part.'॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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