श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 33: सरमा का सीता को सान्त्वना देना, रावण की माया का भेद खोलना, श्रीराम के आगमन और उनके विजयी होने का विश्वास दिलाना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.33.31 
विक्रमिष्यति रक्ष:सु भर्ता ते सहलक्ष्मण:।
यथा शत्रुषु शत्रुघ्नो विष्णुना सह वासव:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जैसे शत्रुघ्न इन्द्र ने उपेन्द्र की सहायता से शत्रुओं पर अपना पराक्रम दिखाया था, वैसे ही तुम्हारे पति श्री राम अपने भाई लक्ष्मण की सहायता से राक्षसों पर अपना पराक्रम दिखाएंगे॥ 31॥
 
Just as Shatrughan Indra displayed his prowess on the enemies with the help of Upendra, similarly your husband Shri Ram will display his prowess on the demons with the help of his brother Lakshman.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)