श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  6.32.43 
शीघ्रं भेरीनिनादेन स्फुटं कोणाहतेन मे।
समानयध्वं सैन्यानि वक्तव्यं च न कारणम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
‘तुम सब लोग शीघ्रतापूर्वक सब सैनिकों को लाठियों से पीटकर और शोर मचाकर इकट्ठा करो; परन्तु उन्हें इसका कारण न बताया जाए ॥ 43॥
 
‘All of you should quickly assemble all the soldiers by beating them with sticks and making noises; but they should not be told the reason for this.’॥ 43॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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