श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 32: श्रीराम के मारे जाने का विश्वास करके सीता का विलाप तथा रावण का सभा में जाकर मन्त्रियों के सलाह से युद्धविषयक उद्योग करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.32.12 
उद्दिष्टं दीर्घमायुस्ते दैवज्ञैरपि राघव।
अनृतं वचनं तेषामल्पायुरसि राघव॥ १२॥
 
 
अनुवाद
'रघुवीर! ज्योतिषियों ने आपकी आयु बहुत लम्बी बताई थी, किन्तु उनकी बातें झूठी निकलीं। रघुनन्दन! आप बहुत अल्पायु निकले॥12॥
 
‘Raghuveer! Astrologers had predicted a very long life for you, but their words proved to be false. Raghunandan! You turned out to be very short-lived.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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